तारपुरा की औद्योगिक झील का जीर्णोद्धार





इंदौर में जलाशयों के पुनरुद्धार के बाद EFI ने पीथमपुर स्थित तारपुरा झील के पुनरुद्धार का कार्य 2024 के नए वित्त वर्ष में शुरू किया | इंदौर से लगभग 35 किमी दूर स्थित पीथमपुर यूँ तो धार जिले के अंतर्गत आता है परन्तु इस वृहद् औद्योगिक नगरी का योगदान न सिर्फ इंदौर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के विकास व अर्थव्यवस्था में अपना अत्यधिक महत्व रखता है |

पीथमपुर को वर्ष 1983 में 2117 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित किया गया था | तबसे यह राज्य का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है और सैंकड़ों औद्योगिक इकाइयों में लाखो लोगो को रोजगार का अवसर प्रदान करता है |

तारपुरा झील राउ – पीथमपुर मार्ग पर स्थित लगभग 8 एकड़ में फैली हुई है , इसके पूर्व सीमा पर राउ – पीथमपुर मार्ग तो पश्चिम में स्थानीय पहाड़ी स्थित है , दोनों ओर से वर्षा जल मानसून के समय झील में प्रवेश करता है | इसके अलावा आसपास की फैक्टरियों से निकला दूषित जल उपचारित होकर भी वर्ष भर झील में प्रवेश करता है |

वर्तमान समय में झील में वर्षो से जमी गाद जो की वर्षा जल के साथ सड़क की ओर से तथा पहाड़ी के अपरदन के साथ झील में जमा होती गयी है, से दुष्प्रभावित है | इसके अलावा प्लास्टिक कचरा, आक्रामक खरपतवार तथा अनियमित चैनल इस झील की मुख्य समस्याए है |

EFI ने सर्वप्रथम एक चैनल काटकर दूषित पानी को झील से बाहर निकाला ताकि उचित गाद निस्तारण झील के तले से सुनिश्चित किया जा सके | इस निकाली गयी गाद का उपयोग झील के बँधो को मजबूत करने तथा जैव आवासीय द्वीप बनाने में किया जायेगा, अतिरिक्त गाद का उपयोग झील से सटी हुई भूमि पर समान रूप से फैलाकर वृक्षारोपण के लिया किया जाएगा क्यूँकि यह गाद पौधो के लिए एक प्राकृतिक उर्वरक की तरह कार्य करती है |

अभी झील पर गाद निस्तारण का कार्य प्रगति पर है, इस नैसर्गिक झील के पुनरुद्धार की और जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अवश्य सक्रिय रहे |

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