The Miracle Pond of Sankra – Dongiya Talab

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ग्रामीण अंचल में चल रहे जलाशयों के पुनरद्धार के कार्यो के बारे में आपने पहले भी हमारे ब्लॉग्स पर पढ़ा होगा, यदि अभी तक नहीं तो जरुर पढ़िए सामाजिक भागीदारी से पुनर्जीवित किये गए बांधा तालाब एवं सांकरा झील के बारे में –

https://atomic-temporary-43031377.wpcomstaging.com/2021/03/12/water-bodies-of-ambikapur-gets-a-facelift/

https://atomic-temporary-43031377.wpcomstaging.com/2021/11/12/the-lake-with-the-red-soil-sakra-lake/

बांधा तालाब एवं सांकरा झील के पास ही पाटन रायपुर सड़क मार्ग पर एक छोटा सुन्दर सा तालाब है- डोंगिया तालाब। तेजी से दौड़ते वाहनों और लगातार चल रहे नए सड़क मार्गो की परियोजनाओं के बावजूद सड़क के किनारे पर स्थित यह तालाब अपने प्राकृतिक सौंदर्य को बचाये रखने में सफल रहा है। हालाँकि तालाब की पालो का न होना और चारो तरफ से खुले होने की वजह से उड़कर आने वाला व लोगो द्वारा डाला गया कचरा तालाब में आता रहता था। साथ ही पशुओ के झुण्ड का तालाब में पानी पीना व चारो ओर उगी वनस्पति का चराव, तालाब के किनारो पर मृदा अपरदन बढ़ा रहा था। सड़क के किनारे पर स्थित घाट की हालत भी काफी खस्ता थी जहाँ एक चाय की गुमटी ने भी अतिक्रमण कर लिया था। जहाँ आगंतुकों द्वारा फेंके गए कप, पान मसाला व गुटखे के सैशे तथा पॉलिथीन हवा के साथ तालाब में जा मिलती थी। यहां तक की सूर्यास्त के बाद समजकंटको द्वारा छोड़ी गयी कांच की बोतले व अन्य कूड़ा भी इस घाट पर छोड़ा जाता रहा जो अंततः तालाब की दुर्दशा में अपना योगदान देता था।

वही सड़क मार्ग से विपरीत दिशा वाली तालाब की पाल पर भिन्न भिन्न झाडिया, पौधे तथा खजूर समान पेड़ो के हरियाली देखते ही बनती है। जन जीवन के शोरगुल और दखलअंदाजी से दूर तालाब का यह छोर जैव विविधता की एक छोटी सी पंक्ति के रूप में विध्यमान है। यहां पक्षी व जलीय जीवो के लिए प्रवास व प्रजनन की उपयुक्त स्थिति उपलब्ध है तथा घुमावदार पहाड़नुमा पाल सड़क के पास वाली बदतर स्थिति से एकदम विपरीत कहानी बयान करती है।

एन्वायरन्मेंटलिस्ट फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया ने दुर्ग कलेक्ट्रट के प्रशानिक सहयोग तथा इंडसइंड बैंक के CSR सहयोग से इस तालाब के सड़क मार्ग की ओर पाल पर काम करना शुरू किया तथा साथ ही तालाब के तल से जमा अवसाद को बाहर निकल कर उसकी भंडारण क्षमता में वृद्धि की । पाल की ऊंचाई व चौड़ाई बढ़ाकर उपयुक्त बंध का निर्माण किया गया तथा क्षतिग्रस्त पालो को मिटटी डालकर सुदृढ़ किया गया। साथ ही घाट की सफाई करके उबड़ खाबड़ मिट्टी को समतल किया। सफाई बनाये रखने के लिए लगभग 600 लम्बी बाड़ेबंदी का निर्माण किया गया। पशुओ के पानी पीने के लिए उचित प्रवेश छोड़ा गया साथ ही सड़क की ओर से आने वाले वर्षा जल को तालाब में सहेजने के लिए उपयुक्त चैनल खोदा गया ताकि बारिश का पानी आसपास इकठ्ठा न होकर अविरल तालाब में आ सके।

डोंगिया तालाब प्राकृतिक रूप से ही एक सुन्दर जैव विविधता का जीता जागता नमूना है परन्तु सड़क के समीप स्थित होने व अतिक्रमण की सम्भावनाओ के चलते यह एक जोखिम भरे क्षेत्र में स्थित है। ग्रामीण, प्रशासनिक एवं सांस्थानिक भागीदारी का यह पुनरुत्थान आने वाले वर्षो के लिए तालाब को इस जोखिम से बचाकर रखेगा जिससे यह अपने मूल रूप में कायम रहकर जैव विविधता को और पोषित कर पाएगा।

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